मनमाने समय पर आते हैं मुख्य डाकघर के कर्मचारी, उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी
रायबरेली: शहर के घंटाघर चौराहे पर स्थित मुख्य डाकघर इन दिनों अपनी अव्यवस्था और कर्मचारियों की मनमानी के कारण चर्चा में है। कहने को तो डाकघर में काम करने का निर्धारित समय सुबह 10:00 बजे से शुरू होता है, लेकिन यहां के कर्मचारी और अधिकारी इस समय-सारणी का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।
⏰ 10:30 बजे तक खाली रहे काउंटर
आज मुख्य डाकघर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सुबह 10:00 बजे काम शुरू होने के निर्धारित समय के बावजूद, 10:30 बजे तक अधिकांश काउंटर खाली पड़े रहे। उपभोक्ता अपने आवश्यक कार्यों के लिए लाइन लगाकर खड़े रहे, लेकिन उन्हें सुनने या उनके दस्तावेज़ों का कार्य करने वाला कोई कर्मचारी या बाबू मौजूद नहीं था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विलंब से खुलने के कारण केवल सफाई कर्मचारी ही फर्नीचर को साफ करता हुआ दिखाई दिया, जबकि लोग बेसब्री से कर्मचारियों का इंतज़ार कर रहे थे।
🤷♂️ न समय का पता, न उपभोक्ताओं से सरोकार
उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग के कर्मचारी इतने मनमाने हो गए हैं कि उन्हें न तो निर्धारित समय का ध्यान रहता है और न ही डाकघर में आने वाले उपभोक्ताओं की समस्याओं से कोई सरोकार है। कर्मचारियों से लेकर अधिकारी तक मनमाने समय से आते हैं और आने के बाद अक्सर 'विलुप्त' हो जाते हैं, जिससे काम अटक जाता है।
एक उपभोक्ता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "हमारा ज़रूरी काम रुका हुआ है और यहां कोई सुनने वाला नहीं है। यह रोज की बात हो गई है।"
🛑 सरकारी मंशा पर पलीता
एक ओर जहाँ सरकार समय से न पहुंचने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की बात कहती है, वहीं दूसरी ओर मुख्य डाकघर के कर्मचारी अपने मनमाने रवैये से सरकारी मंशा में पलीता लगाने में जुटे हुए हैं। उनके इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से न केवल डाकघर की छवि खराब हो रही है, बल्कि जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ डाक अधिकारियों से इस लापरवाही पर सख्त संज्ञान लेने और निर्धारित समय का पालन न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि उपभोक्ताओं की परेशानी कम हो सके।
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