नेशनल हेराल्ड केस में नई FIR, सोनिया–राहुल समेत 9 पर आपराधिक साजिश का आरोप
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व पर एक और कानूनी शिकंजा कस दिया है। नई FIR में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कुल 9 व्यक्तियों और कंपनियों के नाम दर्ज किए गए हैं।
क्या है नई FIR का मामला?
शिकायत के अनुसार, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को कथित रूप से धोखे से खरीदने की आपराधिक साजिश रची गई, जो उस समय कांग्रेस से जुड़ी कंपनी मानी जाती थी और जिसके पास करीब 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां थीं। आरोप है कि यह अधिग्रहण यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के जरिए किया गया, जिसमें गांधी परिवार की लगभग 76% हिस्सेदारी बताई जाती है। FIR के मुताबिक, कोलकाता स्थित कथित शेल कंपनी डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड ने यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपये दिए। इसी रकम में से 50 लाख रुपये कांग्रेस को चुकाकर AJL पर नियंत्रण लेने की डील की गई, जबकि कंपनी के पास हजारों करोड़ की अचल संपत्तियां थीं।
किन–किन के नाम FIR में दर्ज?
दिल्ली पुलिस की 3 अक्टूबर की FIR में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चीफ सैम पित्रोदा समेत तीन व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही तीन कंपनियों – एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL), यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड – को भी आरोपी बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस जल्द ही AJL के पुराने शेयरहोल्डर्स और डायरेक्टर्स को पूछताछ के लिए बुला सकती है, ताकि यह पता चल सके कि कंपनी को यंग इंडियन को ट्रांसफर करने से पहले उनसे कोई राय या मंजूरी ली गई थी या नहीं। ED की जांच और कानूनी पृष्ठभूमियह FIR प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हेडक्वार्टर इन्वेस्टिगेटिव यूनिट (HIU) की उस शिकायत पर आधारित है, जिसमें 2008 से 2024 के बीच
नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के नतीजे..
दिल्ली पुलिस के साथ साझा किए गए थे। PMLA के तहत सूचना साझा करने का प्रावधान ईडी को किसी दूसरी एजेंसी से “निर्धारित अपराध” दर्ज कर जांच शुरू करने का आग्रह करने की अनुमति देता है, जो बाद में ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के लिए आधार (प्रेडिकेट ऑफेंस) बन सकता है। इसी केस में ईडी पहले ही सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा और अन्य के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट) दाखिल कर चुकी है, जिसमें आरोप है कि लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर गलत तरीके से कब्ज़ा करने की साजिश रची गई। दिल्ली की एक विशेष MPs/MLAs कोर्ट ने इस चार्जशीट पर संज्ञान लेने का आदेश फिलहाल टाल रखा है और आगे की तारीख पर फैसला होने की संभावना है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया..
कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों को बार–बार सिरे से खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि नेशनल हेराल्ड केस और इससे जुड़ी कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित हैं और ईडी व दिल्ली पुलिस जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
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