भ्रामक खबर प्रकाशित करने पर अमर उजाला के मुख्य संपादक को नोटिस, जानिए क्या है पूरा मामला
रामपुर। उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में भ्रामक और गलत समाचार प्रकाशित करने के मामले में जिला खनन अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया है। खनन विभाग की छवि धूमिल करने और बिना तथ्यों की पुष्टि किए खबर चलाने के आरोप में 'अमर उजाला' अखबार के मुख्य संपादक को कानूनी नोटिस जारी किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में अमर उजाला के रामपुर संस्करण में खनन विभाग और अवैध खनन से जुड़ी एक खबर प्रकाशित की गई थी। जिला खनन अधिकारी का आरोप है कि उक्त समाचार पूरी तरह से निराधार और तथ्यों से परे था। विभाग का कहना है कि खबर प्रकाशित करने से पहले संबंधित अधिकारियों का पक्ष नहीं लिया गया, जिससे जनता के बीच विभाग की छवि खराब हुई है।
नोटिस में दी गई चेतावनी
जिला खनन अधिकारी द्वारा जारी किए गए नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि:
- अखबार ने पत्रकारिता के मानकों का उल्लंघन किया है।
- भ्रामक सूचना फैलाकर सरकारी कार्य में बाधा डालने और विभाग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का प्रयास किया गया है।
- संपादक से इस मामले में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है और प्रकाशित खबर का खंडन नहीं किया जाता, तो विभाग मानहानि और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई करेगा।
प्रशासन का रुख
रामपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान है, लेकिन तथ्यों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खनन विभाग के अनुसार, वर्तमान में जिले में अवैध खनन के खिलाफ पारदर्शी तरीके से अभियान चलाया जा रहा है, ऐसे में बिना सबूतों के खबरें चलाना अभियान को प्रभावित कर सकता है।
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